Monday, February 27, 2012

ये एक phase है........

वो देखने में कैसी सीढ़ी साधी लगती, है बोलती की वो तो कुछ नहीं समझती, अन्दर से कितनी तेज़ है....
कभी अजीब सी कभी हसीन लगती, कभी किसी किताब का है scene लगती, philosophy का craze है.......
हो.... कहती है ये एक phase है........

यह कहाँ मैं आ गया, बोलो कैसा ये तैयार है, दिल किस्सी का हो गया न इस्पे इख्तेयार है,
करूँ तो क्या करूँ, कहूँ तोह क्या कहूँ, ये गाना भी थ उसको पास लाने का महम है......

छुप छुप मेरे दिल क राज़ खोलती, हाँ तकिये में मेरे ख्वाब भी टटोलती, possessiveness का case है......
हो.... कहती है ये एक phase है........

जाने जा जाने मन तो हर गाने में आता है....परवाना romeo हर लड़का ही बन जाता है.....
लिखूं तो क्या लिखूं , बनू तो क्या बनू....... के फिल्मों में लड़का ही क्यूँ लड़की को फसाता है......

मैं चाहूँ भी तो मैं सभी वो कर जाता हूँ, वो आये सामने तो मैं सुधर जाता हूँ, लड़की एक full on chase है.......
हो.... कहती है ये एक phase है........

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