छोटी छोटी बातें यूँही आते जाते, यादें सहलाके जाती हैं...
रातों को सिरहाने, बंसी मुस्काने, मुझको सुलाके जाती है,
मिलना नहीं है मुमकिन, इतना बताओ लेकिन, हम फिर मिलें क्यूँ हैं
तुझको बुला न पाऊं, तुझको भुला न पाऊं, यह सिलसिले क्यूँ हैं......
सबकुछ वही है पर कुछ कमी है......
तेरी आहटें नहीं है...... नहीं है......
मैंने नहीं जाना, तुने नहीं जाने, जाने अनजाने जो हुआ.....
कुछ तो हुआ जो, मुझ को हुआ न, तुझको मगर क्यूँ हुआ....
गलती नहीं है तेरी, गलती नहीं है मेरी.....फिर भी गिले क्यूँ है.....
तुझको बुला न पाऊं, तुझको भुला न पाऊं, यह सिलसिले क्यूँ हैं......
सबकुछ वही है पर कुछ कमी है......
तेरी आहटें नहीं है...... नहीं है......
मिलना नहीं है मुमकिन, इतना बताओ लेकिन, हम फिर मिलें क्यूँ हैं
तुझको बुला न पाऊं, तुझको भुला न पाऊं, यह सिलसिले क्यूँ हैं......
सबकुछ वही है पर कुछ कमी है......
तेरी आहटें नहीं है...... नहीं है......
मैंने नहीं जाना, तुने नहीं जाने, जाने अनजाने जो हुआ.....
कुछ तो हुआ जो, मुझ को हुआ न, तुझको मगर क्यूँ हुआ....
गलती नहीं है तेरी, गलती नहीं है मेरी.....फिर भी गिले क्यूँ है.....
तुझको बुला न पाऊं, तुझको भुला न पाऊं, यह सिलसिले क्यूँ हैं......
सबकुछ वही है पर कुछ कमी है......
तेरी आहटें नहीं है...... नहीं है......
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